30 अगस्त श्री वराह जयंती पर विशेष आज मंगलवार, दिनांक 30 अगस्त 2022 को भगवान विष्णु के तीसरे अवतार भगवान वराह जी की जयंती है। आपको परिवार सहित ‘श्री वराह जयंती’ की पावन बधाइयां एवं हार्दिक शुभकामनाएं। सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक कथा प्रसंगो, स्तोत्रों, तीर्थ स्थानों, संत महात्माओं, तीज त्योहारों व उत्सवों विषयक जानकारी से …
श्रावण शुक्ल एकादशी एवं सावन के चतुर्थ व अंतिम सोमवार (8 अगस्त 2022) के पुण्य उपलक्ष में “पंडित हरिदत्त शर्मा भवन”, सेक्टर 40, नौएडा में श्रीमती चित्रा शर्मा परिवार द्वारा “श्री हरि कृपा डॉट कॉम और यूट्यूब चैनल” (http://sriharikripa .com & YouTube Channel) के तत्वाधान में सायं 4:00 बजे से देवाधिदेव भगवान शंकर जी का “शिवार्चन” बड़ी श्रद्धा भक्ति धूमधाम से और भव्य रूप में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भगवान शंकर के पार्थिव शिवलिंग व नर्मदेश्वर जी का अद्भुत आलौकिक “संगीतमय रुद्राभिषेक” पंडित श्री मोहन चंद्र शास्त्री जी के आचार्यत्व में वैदिक ब्राह्मणों द्वारा संपन्न कराया गया।
मनोज शर्मा भारतीय सभ्यता संस्कृति के पांच आधार स्तम्भ हैं : गंगा, गाय, गीता, गायत्री और गुरू। इनके बिना भारतीय संस्कृति की कल्पना भी नहीं की जा सकती। सात समुद्र की मसि करूँ, लेखनी सब बनराय। धरती सब कागद करूँ, गुरु गुन लिखा न जाय।। कबीरदासजी ने कहा है कि ‘सातों समुद्रों के पानी को स्याही, सारे जंगलों …
महाराज सगर के साठ हजार पुत्रों और मुनि भागीरथी जी के पूर्वजों, जो अपनी धृष्टता के कारण कपिल मुनि श्राप से भस्म होकर अधोगति को प्राप्त हो गए थे, की मुक्ति के हेतु ही नहीं अपितु समस्त जगत के कल्याण के लिए स्वर्गलोक निवासिनी गंगाजी महर्षि भागीरथी जी की घोर तपस्या, प्रार्थना और प्रयासों से आज ही के दिन पृथ्वीलोक पर अवतरित हुई थीं।
ब्रज की होली अपनी अनूठी और अनोखी परंपराओं के कारण सारे विश्व में प्रसिद्ध है। होली का अनुपम व अलौकिक रंग और रस ब्रज के कण-कण में छाया रहता है। ब्रज के इस “होरी लीला” उत्सव के अधिदेवता शाश्वत दंपत्ति भगवान श्रीराधाकृष्ण हैं। होली लीला भगवान श्रीराधाकृष्ण युगल सरकार की अति प्रिय लीला है, अतः आत्मिक आनंद की असीम अनुभूति के आध्यात्मिक पर्व “होली” का यह पावन उत्सव श्रीराधाकृष्ण के अमर-प्रेम से जुड़ा हुआ है, जो द्वैत से अद्वैत के मिलन का प्रतीक भी है। श्रीराधाकृष्ण का प्रेम “पाने या खोने” की बाध्यताओं से कहीं ऊपर है। श्रीराधाकृष्ण के इस प्रेम में समर्पण और अधिकार दोनों का वह सागर है जहां “मुनि मति ठाड़ि तीर अबला सी” रह जाती है, अर्थात् जिसकी थाह कोई नहीं पा सकता।
साभार : हरिनाम प्रेस, वृन्दावन
आज वृंदावन स्थित श्रीराधारमण मंदिर में गोस्वामी श्री गोपाल भट्ट जी सेवाइत श्रीराधारमण लालदेव जी का प्राकट्य दिवस है। गोस्वामी श्री गोपाल भट्ट जी श्रीराधाकृष्णजी के संयुक्त भावावतार श्री चैतन्य महाप्रभु जी के शिष्य और सप्त गोस्वामियों में से एक प्रमुख गोस्वामी हैं। लगभग पांच सौ वर्ष पूर्व श्री गोपाल भट्ट जी के पास श्री …
गोपाष्टमी पर्व (22 नवंबर 2020, रविवार) पर विशेष आलेख कार्तिक मास की शुुुकल अष्टमी को मनाया जाने वाला : “गोपाष्टमी पर्व” बृज संस्कृति का गो-पूजा का शास्त्रीय पर्व है, जो गौ संरक्षण और गौ संवर्धन को समर्पित है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण पहली बार गाय चराने के लिए गए थे यानि कि पहली बार कन्हैया …
संतान व पुत्र प्राप्ति हेतु और संतान की दीर्घायु सुख-शांति व समृद्धि के लिए किए जाने वाले व्रत ‘श्रीअहोई अष्टमी व्रत’ (8 नवंबर 2020 रविवार) पर विशेष आलेख : कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की करक चतुर्थी (करवा चौथ) के चार दिन बाद कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्री अहोई अष्टमी …
कार्तिक मास (1 नवंबर 2020, रविवार से 30 नवंबर 2020, सोमवार तक) पर विशेष आलेख यूँ तो बारहों महीनों चौबीसों घंटों में से कभी भी किसी भी अवस्था में किया गया भगवान का भजन पूजन लाभकारी व कल्याणकारी ही होता है। गोस्वामी तुलसीदास जी कहते है कि : भायँ कुभायँ अनख आलस हूँ। नाम जपत …